रं कल्याण संस्था की सभा में इनर लाइन का मुद्दा उठाया प्रमुखता से
हल्द्वानी : दो दिवसीय रं कल्याण संस्था की वार्षिक आम सभा में इनर लाइन का मुद्दा प्रमुखता से उठा। संस्था के केंद्रीय मुख्य संरक्षक व पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल ने कहा कि पहले इनर लाइन जौलजीबी से थी, लेकिन अब छियालेख कर दी गई है।नपलच्याल ने कहा कि इसके चलते सीमांत क्षेत्र बिना रोकटोक सभी के लिए खुल गया है और बाहरी लोगों की पहुंच बढ़ गई है। धारचूला शहर से लेकर सीमांत क्षेत्रों के मूल निवासी अल्पसंख्यक की स्थिति में आ गए हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है।संस्था की ओर से सीएम के नाम भेजे गए 25 सूत्रीय मांगपत्र में इसका उल्लेख प्रमुखता से है। वक्ताओं ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में प्रहरी की भूमिका में रहने वाले लोगों को विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए।विशिष्ट अतिथि सांसद अजय टम्टा ने कहा कि इनर लाइन को पूर्व की भांति जौलजीबी में होना चाहिए। इसका फैसला गृह मंत्रालय को करना है। उत्तराखंड सरकार इस आशय का प्रस्ताव पास कराकर गृह मंत्रालय को देती है तो वह भी इसकी पुरजोर पैरवी करेंगे।टम्टा ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमांत तक सड़कों की पहुंच बनाने की दिशा में अहम काम किया है। ग्वालदम-मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क जल्द अस्तित्व में आएगी।अतिथि के तौर पर सबसे पहले मंच पर आए सांसद अजय टम्टा ने रं म्यूजियम के रखरखाव के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने कहा रं समाज के बहुत लोग उनकी विधानसभा क्षेत्र में आ गए हैं। रं समाज के कार्यों के लिए उन्होंने विधायक निधि से 20 लाख रुपये देने की बात कही। धारचूला विधायक हरीश धामी ने चार घाटियों के लिए विधायक निधि से 40 लाख रुपये देने की घोषणा मंच से की।
