बिना फिटनेस सड़कों पर दौड़ रहे वाहन
हरिद्वार: बिना फिटनेस सड़कों पर वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें जुगाड़ वाहनों की बड़ी तादाद है। ओवरलोड वाहन चालक यातायात नियमों का भी पालन नहीं करते। इतना ही नहीं, शहर और देहात में उम्र पूरी कर चुके वाहनों की संख्या भी काफी अधिक है। नियमों का पालन कराने में परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और थाना पुलिस का अभियान खानापूर्ति रहा है।हालांकि परिवहन विभाग का दावा है कि वाहनों के फिटनेस टायर, एंटी फागिंग लाइट, लाइ लैंप बीम्स, रिफ्लेक्टर, टायरों की स्थिति, हार्न, डैश बोर्ड इक्यूपमेंट, रियर व्यू मिरर, स्पीडोमीटर, विंड सील्ड वाइपर समेत अन्य सुरक्षा प्रणाली की जांच के बाद ही फिटनेस प्रमाण पत्र दिया जाता है। समय-समय पर अभियान चलाकर बगैर फिटनेस सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों के चालान भी किए जाते हैं।एआरटीओ रश्मि पंत ने बताया कि जनवरी से अक्टूबर तक ऐसे 835 वाहनों के चालान किए गए और इनसे करीब 41.75 लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया। हरिद्वार में सिडकुल, औद्योगिक क्षेत्र शहर और बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में हजार से अधिक इकाइयां हैं।इन इकाइयों में भारी मालवाहक वाहन विभिन्न राज्यों से आते हैं, जबकि हरिद्वार में उप्र, उत्तरखंड से भी वाहन माल लेकर पहुंचते हैं। इन वाहनों के चालक जहां यातयात नियमों का उल्लंघन करते दिखे हैं, वहीं फिटनेस प्रमाण पत्र लेना भी चालक और वाहन मालिक मुनासिब नहीं समझते।खासकर देहात क्षेत्र में उम्र पूरी कर चुके वाहन अधिक संख्या में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। गांव से शहर आने वाले डग्गामार वाहन खस्ताहाल होने के बाद दौड़ रहे हैं। इसमें कई बार हादसे भी हो चुके हैं।सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल अब तक 311 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इनमें 208 लोगों की मौत हो गई, जबकि 267 घायल हुए। इनमें अनफिट वाहन और अन्य तकनीकी और सुरक्षात्मक कारणों से जान गंवाने वालों की संख्या 77 रही।
