नाबालिग से दुष्कर्म में दिल्ली सचिवालय के संयुक्त सचिव को जमानत

नैनीताल : नाबालिग से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आरोपित दिल्ली सचिवालय में संयुक्त सचिव एवी प्रेमनाथ की जमानत गुरुवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने मंजूर कर ली।निचली अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त होने के बाद वह नैनीताल हाई कोर्ट पहुंचे थे। एक नाबालिग ने एवी प्रेमनाथ पर आरोप लगाया था कि लाकडाउन के दौरान दिल्ली से रानीखेत लाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। इससे पहले प्रेमनाथ ने उसकी मां को जेल से छुड़वाने के नाम पर भी यौन शोषण किया था।वहीं हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र में बालिका से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने वाले अभियुक्त को विशेष न्यायालय पाक्सो /अपर सत्र न्यायाधीश अंजली नौलियाल ने पांच साल की कठोर कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि 31 अगस्त 2019 की सुबह साढ़े छह बजे पथरी थाना क्षेत्र में पीड़िता अपने घेर में पशुओं को चारा डालने गई थी। तभी आरोपित ने उसके साथ अश्लील हरकत की। साथ ही, एक पत्र में अश्लील बातें लिखकर फेंककर चला गया था।पीड़िता ने बताया था कि आरोपित ने उसकी बात नहीं मानने पर उसे व उसके स्वजन को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता ने उसी दिन अपने भाई को सारी बात बताई थी।पीड़िता के पिता ने आरोपित रजनीश निवासी ग्राम फुलगढ़ थाना पथरी के खिलाफ छेड़छाड़, लैंगिक हमला करने व जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। वादी पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपित रजनीश को दोषी पाते हुए पांच साल का कठोर कारावास व 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।