राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों संग जाने वाले खेल प्रशिक्षक को नहीं अब मिलेगा आने-जाने और खाने का खर्च

देहरादून। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों संग जाने वाले खेल प्रशिक्षक को अब विभाग आने-जाने और खाने का खर्च नहीं देगा। झारखंड के रांची में 14 फरवरी से 10वीं राष्ट्रीय ओपन रेस वाकिंग प्रतियोगिता शुरू हो रही है। खेल निदेशालय ने आदेश जारी कर खेल प्रशिक्षक को किसी भी तरह का अतिरिक्त भत्ता न देने का आदेश जारी किया है।राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों संग ही खेल प्रशिक्षक के आने जाने और खाने का खर्च अब तक खेल विभाग उठाता रहा है। प्रशिक्षकों के मुताबिक, विभाग से डीए (दैनिक भत्ता) के रूप में उन्हें अब तक 275 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता रहा है, लेकिन अब इससे भी इनकार किया जा रहा है।14 से 15 फरवरी तक रांची में 10वीं राष्ट्रीय ओपन रेस वाकिंग प्रतियोगिता होनी है। प्रतियोगिता के लिए विभाग की ओर से 20 किलोमीटर वाकिंग रेस के लिए सूरज पंवार, अंशुल ढौंडियाल, राजन चौधरी व मानसी नेगी का चयन किया गया है।इस प्रतियोगिता के लिए विभाग के उप खेल अधिकारी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी विंग के प्रशिक्षक को खेल टीम के साथ रांची जाना था। इसके लिए विभाग की ओर से निर्देश जारी कर उन्हें खेल टीम के साथ जाने की अनुमति दी गई है।अनुमति देने के साथ ही खेल निदेशक जितेंद्र कुमार सोनकर की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि इसके लिए प्रशिक्षक को किसी तरह का कोई अतिरिक्त भत्ता देय नहीं होगा। खेल निदेशक का कहना है कि जो खेल प्रशिक्षक खुद टीम संग जाने की इच्छा जता रहे हैं।उनके मामले में प्रशिक्षक को प्रतियोगिता स्थल तक आने, जाने, रहने और खाने का कोई खर्च नहीं दिया जाएगा। यदि विभाग की ओर से किसी प्रशिक्षक को भेजा जाता है, तो उसे मानक के अनुसार भत्ता दिया जाएगा।