असमानताओं को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज युवाओं से आह्वान किया कि वे भारत और इसकी संस्थाओं की छवि धूमिल करने के लिए कुछ ताकतों द्वारा फैलाई जा रही झूठी बातों को निष्प्रभावी करें। उपराष्ट्रपति ने आज आईआईटी दिल्ली में शिक्षकों और छात्रों के साथ बातचीत करते हुए इस सोच पर नाराजगी व्यक्त की कि आईआईटी सिर्फ उच्च वर्ग के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह से जानता हूं कि आईआईटी में ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र आते हैं, साधारण पृष्ठभूमि के छात्र आते हैं, ऐसे लोग जिन्होंने बड़ी मुश्किल से इसकी प्रतिष्ठा स्थापित की है, लेकिन बाहरी दुनिया में इसके लिए एक गलत छाप छोड़ी जा रही है।” उन्होंने कहा कि इन प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश करने वाले प्रत्येक छात्र का आधार योग्यता और केवल योग्यता है।
श्री धनखड़ ने कहा, “कुछ विचित्र कारणों से, कुछ लोगों को हमारा विकास नही पच रहा है। कुछ लोग इस हद तक जा सकते हैं और कह सकते हैं कि पाकिस्तान की भुखमरी का सूचकांक भारत से बेहतर है। कल्पना कीजिए कि वे कितनी दूर तक जा सकते हैं। उनकी कुछ समस्याएं हैं जिसका समाधान करने के लिए आईआईटी जैसे संस्थानों को आगे आना चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि उनका पाचन तंत्र इस देश के विकास के लिए इतना नकारात्मक क्यों है, इसके लिए कुछ किया जाना चाहिए।” अपने संबोधन में, श्री धनखड़ ने छात्रों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन एनर्जी जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों पर अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा क्योंकि उन्हें “भारत 2047” को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ना है जो सिर्फ एक दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि एक वास्तविकता है जो हमारे सपनों की दुनिया को आगे लेकर जाती है। उन्होंने छात्रों को ‘बड़े सपने देखने, निर्णायक रूप से सोचने और कभी भी अनिश्चित न होने’ के लिए प्रोत्साहित किया।
उपराष्ट्रपति ने सतत ऊर्जा स्रोत के रूप में हरित हाइड्रोजन को अपनाने में तेजी लाने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बन जाएगा, जिससे आठ लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त होगा और छह लाख से ज्यादा नौकरियां उत्पन्न होंगी।
श्री धनखड़ ने क्वांटम प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाले आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को ‘क्वांटम जंप फॉर इंडिया’ के रूप में संदर्भित करते हुए कहा कि 19 अप्रैल, 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस परियोजना के लिए 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी प्रदान की है, जो भारत को नवीनतम पारिस्थितिकी तंत्र में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगा।