बिजली और पानी की लगातार बढ़ती जा रही दरों के खिलाफ हरीश रावत का सांकेतिक उपवास
देहरादून. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नवरात्रि के दौरान शुक्रवार को देहरादून के अपने डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर बिजली और पानी की लगातार बढ़ती जा रही दरों के खिलाफ सांकेतिक उपवास रखा. साथ ही हरीश रावत 15 दिन तक किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम और मीडिया से दूरी बनाए रखेंगे. उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर उनका यह सांकेतिक मौन व्रत, उन लाखों लोगों को समर्पित है, जो बिजली और पानी की लगातार बढ़ती जा रही दरों से झुलस रहे हैं.
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि फिलहाल बिजली और पानी की दरें इस सीजन में बढ़ी नहीं है, लेकिन आम उपभोक्ता इससे पहले से ही इस समस्या से झुलस रहे हैं. हरीश रावत ने कहा कि महंगाई के आगोश में प्रत्येक परिवार बुरी तरह से त्रस्त है, उन्होंने मां जगदंबा से प्रार्थना करते हुए कहा कि ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे आम जनमानस का बोझ कुछ कम हो सके. उन्होंने कहा कि यह मात्र संयोग है कि आगामी 15 दिन तक वह कोई राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगे. इस संदर्भ में उनकी प्रेस वार्ता भी सम्मिलित है. उन्होंने आने वाले 15 दिनों तक सभी राजनीतिक कार्यक्रमों से विरक्त रहने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम उन्होंने यह सोचकर उठाया कि भूतकाल की तरफ देखकर भविष्य के लिए अपनी सोच को विकसित कर सकूं.
उत्तराखंड में एक अप्रैल से बिजली और पानी के बिलों में बढ़ोत्तरी की संभावना है. बिजली और पानी के दाम बढ़ने पर लोगों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पानी की दरों में बढ़ोत्तरी किसी झटके से कम नहीं होगी. जिसका असर घरेलू उपभोक्ताओं और व्यवसायिक स्तर (दुकान, ऑफिस) में भी पडे़गा. बीते महीने पूर्व सीएम हरीश रावत ने बिंदुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, गुलरानी टोंगिया समेत इंदिरा ग्रामों, गांधी ग्रामों और हरि ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने 1 घंटे का मौन उपवास रखा था. उन्होंने भूमिहीनों और आपदा पीड़ितों को हक दिलाए जाने की मांग की थी. इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने मांग को लेकर देहरादून गांधी पार्क में धरना दिया.
