नकल माफिया ने युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला
देहरादून। आज महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून द्वारा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं के निरस्तीकरण, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने संबोधित किया।
महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि देश और प्रदेश का युवा आज गहरे संकट से गुजर रहा है। वर्षों की मेहनत और सपनों के सहारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र बार-बार प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब के कारण मानसिक तनाव, असुरक्षा और निराशा का सामना कर रहे हैं। नकल माफिया और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का सरकारी नौकरियों और परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठता जा रहा है। उत्तराखंड में भी भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। आज स्थिति यह है कि मेहनत करने वाले युवाओं को अपनी योग्यता से अधिक सिस्टम की विफलताओं से लड़ना पड़ रहा है। देहरादून की होनहार छात्रा रिया कुमारी थापा की दुखद आत्महत्या पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटना है। रिया ने नीट परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक और उससे उपजे असमंजस तथा तनाव के बीच उसने यह दुखद कदम उठाया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि उस असंवेदनशील व्यवस्था का आईना है, जिसने युवाओं को निराशा और अवसाद के गर्त में धकेल दिया है। अब तक देश में अनेक छात्र-छात्राएं परीक्षा संबंधी तनाव और अनिश्चितता के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। कांग्रेस पार्टी मानती है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। जब बार-बार परीक्षाएं रद्द होती हैं, प्रश्नपत्र लीक होते हैं और नकल माफिया सक्रिय रहते हैं, तब युवाओं के मन में यह भावना पैदा होती है कि मेहनत और प्रतिभा का कोई मूल्य नहीं रह गया है। इससे सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है और लाखों युवाओं का मनोबल टूट रहा है। प्रदेश में एक तरफ़ भाजपा सरकार सख़्त नक़ल विरोधी कानून की बात करती है और दूसरी तरफ़ पटवारी परीक्षा का पेपर भी लीक जो जाता है। डॉ प्रतिमा सिंह ने कहा कि 2017 से अब तक भाजपा सरकार एक भी पेपर ऐसा नहीं करा पायी जिसने धांधली ना हुई हो, इसकी सबसे बड़ी वजह पेपर लीक का मास्टरमाइंड हाकम सिंह का सरकार की कमजोर पैरवी की वजह से रिहा होना है, उसके रिहा होते ही एक पेपर और लीक हो जाता है, हाकम सिंह का हाकिम कौन है ये अब तक पता नहीं चला क्यूँकि सरकार नहीं चाहती कि असली गुनहगार सामने आए क्यूँकि वो सत्ता में बैठे लोगों में से एक है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी के कोटा दौरे से कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई जिसमे सबसे चौकाने वाली बात ये हैं की सरकार का शिक्षा बजट से तीन गुना खर्च कोटा में लाखों छात्र महज़ पाँच परीक्षाओं की तैयारी में खर्च कर रहे हैं। NTA का गठन 2017 मे हुआ था तब से लेकर अब तक 89 परीक्षा के पेपर लीक की घटनाएं हों चुकी है जिसमे 49 पेपर्स दुबारा कराए गए हैं जिससे बच्चों का मनोबल गिरा है। कांग्रेस पार्टी युवाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए उनके साथ खड़ी है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल उपस्थित रहे।
