हरिद्वार में भीषण ओलावृष्टि से कारों के शीशे टूटे व सोलर पैनलों को भी हुआ नुकसान
हरिद्वार। धर्मनगरी में शुक्रवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले बादल छाने के साथ बिजली की कड़कड़ाहट शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तेज होती चली गई। बारिश के साथ बड़ेकृबड़े ओले गिरने लगे, जिससे बहादराबाद और शिवालिक नगर सहित हरिद्वार शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच हुई भारी ओलावृष्टि ने कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आसमान से बेहद बड़े आकार के ओले गिरे। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इससे पहले इतनी भीषण ओलावृष्टि नहीं देखी। भारी-भरकम ओले गिरने से घरों के बाहर खड़ी कई कारों के शीशे और सनरूफ टूट गए, जबकि अनेक वाहनों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कुछ मकानों की खिड़कियों के शीशे और कई लोगों के सोलर पैनल भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक हुई इस घटना से स्थानीय लोग हैरान रह गए और क्षेत्र में ओलावृष्टि की चर्चा होती रही। बारिश और ओले गिरने के चलते तापमान में भी गिरावट महसूस की गई है और मौसम पहले के मुकाबले ठंडा हो गया है। अक्टूबर महीने में हुई इस तरह की भीषण ओलावृष्टि ने लोगों को चैंका दिया है। स्थानीय लोग इसे प्रकृति का अप्रत्याशित कहर बता रहे हैं।
सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच हुई भारी ओलावृष्टि ने कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आसमान से बेहद बड़े आकार के ओले गिरे। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इससे पहले इतनी भीषण ओलावृष्टि नहीं देखी। भारी-भरकम ओले गिरने से घरों के बाहर खड़ी कई कारों के शीशे और सनरूफ टूट गए, जबकि अनेक वाहनों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कुछ मकानों की खिड़कियों के शीशे और कई लोगों के सोलर पैनल भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक हुई इस घटना से स्थानीय लोग हैरान रह गए और क्षेत्र में ओलावृष्टि की चर्चा होती रही। बारिश और ओले गिरने के चलते तापमान में भी गिरावट महसूस की गई है और मौसम पहले के मुकाबले ठंडा हो गया है। अक्टूबर महीने में हुई इस तरह की भीषण ओलावृष्टि ने लोगों को चैंका दिया है। स्थानीय लोग इसे प्रकृति का अप्रत्याशित कहर बता रहे हैं।
