दार्जिलिंग से हिमालयन थार और अन्य वन्यजीव मंगाने की योजना पर फिलहाल ब्रेक

नैनीताल। नगर के चिड़ियाघर में वन्य जीवों का कुनबा बढ़ाने के लिए बीते लंबे समय से कवायद की जा रही थी। दार्जिलिंग से हिमालयन थार और अन्य वन्यजीव मंगाने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। अब चिड़ियाघर प्रबंधन देश के अन्य चिड़ियाघरों से पत्राचार कर वन्यजीवों को बढ़ाने की कवायद में जुटा हुआ है।नैनीताल के पं.गोविंद बल्लभ पंत उच्चस्थलीय प्राणी उद्यान में वर्तमान में 231 वन्य जीवों को संरक्षित किया गया है। जिसमें 33 प्रजातियों के 95 पक्षी भी शामिल है। चिड़ियाघर नैनीताल का मुख्य आकर्षण का केंद्र होने के कारण यहां रोजाना पर्यटकों भीड़ रहती है। जिसको देखते हुए जू प्रबंधन लंबे समय से वन्य जीवों का कुनबा बढ़ाने के प्रयास कर रहा है। वहीं जू में कई वन्यजीव अब बूढ़े भी हो चुके हैं। जिसको देखते हुए बीते वर्ष जू प्रबंधन ने वन्य जीवों का कुनबा बढ़ाने के लिए देश के कई चिड़ियाघरों से पत्राचार किया। जिसके चलते दार्जिलिंग से एक जोड़ी हिमालयन थार, एक जोड़ी ब्लू शीप और एक जोड़ा सिल्वर फीजेंट लाने व इनके बदले यहां चिड़ियाघर से एक जोड़ा घुरण, कालीज फीजेंट और चीर फीजेंट दिए जाने की सहमति बनी थी। लेकिन वन्य जीवों को लाना संभव नहीं हो पाया। जू वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि दार्जिलिंग चिड़ियाघर प्रबंधन ने थार का जोड़ा दिये जाने पर फिलहाल असमर्थता जताई है। फिलहाल अन्य जीव भी नहीं लाए जा रहे हैं। उन्होनें बताया कि देश के अन्य चिड़ियाघरों से वन्यजीव मंगाने के लिए पत्राचार जारी है।