शहीद दीपक नैनवाल के जन्मदिवस पर आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम

देहरादून। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मर मिटने वालों का यही बाकी निशान होगा। आज देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने भारत माता के वीर सपूत शहीद दीपक नैनवाल के जन्मदिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि और स्मृति कार्यक्रम के अवसर पर शहीद दीपक नैनवाल द्वार, सिद्धपुरम हर्रावाला में शहीद दीपक नैनवाल के अमूल्य बलिदान को याद कर उन्हें पुष्प श्रद्धांजलि अर्पित किये। भारतीय सेना में राष्ट्रीय रायफल के जवान रहे दीपक नैनवाल को देशभक्ति और देशसेवा का जज्बा विरासत में मिला था और आज भी उनका परिवार उसी मनोयोग से देश की सेवा में जुटा है। दादाजी, पिता और शहीद दीपक नैनवाल के बाद उनकी धर्मपत्नी वीरांगना ज्योति नैनवाल भी भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहीं हैं। समस्त देशवासी उनके ऋणी है और उनके अमूल्य बलिदान को सदैव याद रखेंगे।
मूलरूप से चमोली जिले के थल कांचुला गांव और अभी देहरादून के हर्रावाला में रहने वाले दीपक नैनवाल जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफ़ल्स में तैनात थे। 10 अप्रैल 2018 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम सेक्टर के वनपोह इलाके में आतंकियों से लोहा लेते हुए दीपक गंभीर रूप से घायल हुए थे। करीब 40 दिन बाद दीपक ने पुणे अस्पताल में अंतिम सांसें लीं। आज भारत माता के वीर बेटे-शहीद नायक दीपक नैनवाल सर का जन्मदिन हैं। उत्तराखंड के चमोली में उनका जन्म एक फौजी परिवार में आज ही के दिन हुआ था। उनके पिताजी भारतीय सेना में ऑनरेरी कैप्टन के पद से रिटायर हुए हैं। और गर्व की बात यह है कि उनके दादाजी खुद स्वतंत्रता सेनानी थे। दीपक बहुत ही बहादुर जवान थे। काफी ऑपरेशन में उन्होंने आगे रहते हुए आतंकवादियों का सफाया किया था। कश्मीर के कुलगांव में एक ऑपरेशन के दौरान उन्हें गोलियां लगी जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बाद में पुणे की आर्मी हॉस्पिटल में ले जाया गया जहां करीबन वे 40 दिन तक मौत से लड़ते रहे। अंत में 20 अप्रैल 2018 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके वीर पत्नी ज्योति नैनवाल ने 40 दिन तक अपने पति की बहुत ही सेवा की अंत में अपने शहीद पति को हेलीकॉप्टर में अकेले लेकर आखरी बार घर आए। ज्योति नैनवाल जी अब भारतीय सेना में लेफ़्टिनेंट है!