दशहरे की रात सूख गया हरकी पैड़ी में गंगा का प्रवाह

हरिद्वार। दशहरे की आधी रात से बंद की गई उत्तरी खंड गंगनहर के कारण हरकी पैड़ी पर गंगा का प्रवाह सूख गया। जिसके चलते बुधवार सुबह स्नान व दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा। इस मामले में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शाम को गंगा आरती के समय आंशिक रूप से जलधारा छोड़ी जाएगी।
मरम्मतीकरण के कार्यों के लिए मंगलवार की मध्य रात्रि से ऊपरी गंगनहर बंद हो गई। इससे हरकी पैड़ी पर गंगा जल का संकट खड़ा हो गया। अब 18 दिन बाद हरकी पैड़ी पर मां गंगा आएंगी।  मां गंगा में स्नान करने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं।
इससे व्यापारियों का कारोबार भी अच्छा चलता है, लेकिन, सालाना मरम्मतीकरण के लिए ऊपरी गंगनहर को बंद कर दिया गया। अब सात नवंबर की मध्य रात्रि ऊपरी गंगनहर को चालू किया जाएगा, पर, तब तक हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए पानी नहीं आएगा।इस कारण हरकी पैड़ी क्षेत्र में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घट जाएगी। इसका असर व्यापारियों पर पड़ेगा। उनका कारोबार कम हो जाएगा। हालांकि, व्यापारी त्योहरी सीजन में गंगनहर को बंद करने का विरोध करते आ रहे हैं, मगर, उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।गंगनहर बंद होने से किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलेगा। उत्तराखंड से होते हुए उत्तर प्रदेश जा रही गंगनहर से किसानों के सामने भी सिंचाई के लिए पानी का संकट खड़ा हो जाता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि गंगनहर बंदी में हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए जल पहुंचाने के लिए कार्य किया जाएगा, ताकि, श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने के लिए पानी मिल सके।

Leave a Reply