बागेश्वर उपचुनावः चंदनराम दास के परिजनो पर दाव खेल सकती है भाजपा

देहरादून। बागेश्वर उपचुनाव भाजपा के लिए काफी अहम है या यह कहा जाए कि भाजपा के लिए बागेश्वर उपचुनाव लोकसभा का सेमीफाइनल है तो यह गहत न होगा। अगले वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव होना प्रस्तावित है ऐसे में बागेश्वर का उपचुनाव भाजपा के लिए जीतना स्वाभिमान का प्रश्न है वह यह उपचुनाव जीतने के लिए एढ़ी चोटी का जोर लगा सकती है।
बागेश्वर उपचुनाव में भाजपा की राजनितिक बिछनी शुरू हो गई है- बड़े बड़े दिग्गजो ने नामो को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक में पांच नामो पर चर्चा की गई। संभावित पांच दावेदारों के नामों पर चर्चा के बाद जो तीन नाम छांटे हैं, उनमें दो नाम चंदनराम दास की पत्नी और बेटे का बताया जा रहा है।
भाजपा बागेश्वर उपचुनाव में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय चंदनराम दास की पत्नी या बेटे पर दांव लगा सकती है। चुनाव संचालन समिति ने संभावित पांच दावेदारों के नामों पर चर्चा के बाद जो तीन नाम छांटे हैं, उनमें दो नाम दास की पत्नी और बेटे का बताया जा रहा है।
सूत्रें के अनुसार विधानसभा चुनाव प्रबंधन टोली ने राज्य संसदीय बोर्ड को पांच नाम भेजे जिनमें चंदन राम दास की पत्नी पार्वती दास, बेटा गौरव दास, पार्टी के वरिष्ठ नेता जेसी आर्य, दीपा आर्य व मथुरा प्रसाद के नाम शामिल हैं। भाजपा हमेशा की तरह इस बार भी सहानुभूति का वोट लेने की सोच रही है। इस कारण पार्टी का भी चंदनराम दास की पत्नी को प्रत्याशी बनाए जाने पर जोर है। हालांकि उनके बेटे की मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। पार्टी सूत्रें के मुताबिक तीन नामों का पैनल तैयार कर इसे केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेज दिया जाएगा। माना जा रहा है कि संसदीय बोर्ड अगले दो दिनों में प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्टð ने कहा कि भाजपा बागेश्वर उपचुनाव में चंपावत उपचुनाव की तर्ज पर पहले से अधिक रिकार्ड मतों से जीत दर्ज करेगी। बागेश्वर की जनता कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को दरकिनार कर अपने प्रिय नेता स्वर्गीय चंदन रामदास को ऐतिहासिक जीत के साथ श्रद्धांजलि देगी। पार्टी इस उपचुनाव की दो महीने से तैयारी में जुटी है। पहले ही शत्तिफ़ केंद्र और बूथ स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं।